Ferfar #7570 · उपळाई (बुद्रुक)
माढा, सोलापूर · JSON
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नोंदीचा प्रकार : इतर फेरफार फेरफाराचा दिनांक : 06/04/2026 माहिती मिळालेचा दिनांक :- 06/04/2026
वसीयत (विल) The Seal Of Sub-Registar Naroda, SRO Ahmedabad-6, Naroda दस्त क्रमांक 2285/2024 दिनांक – 29/01/2024
वसीयत कर्ता देणार – रमेश मार्तंड कुलकर्णी
घेणार – श्रीनिवास रमेश कुलकर्णी
मैं, रमेश, सुपुत्र स्वर्गीय श्री मार्तंड कुलकर्णी, उम्र 80 वर्ष, धर्म हिन्दू व्यवसाय - सेवा-पूजा, मूल निवासी - गाँव - उपलाई बुद्रुक, पोस्ट- उपलाई बुद्रुक, तहसील - माढा, जिला -सोलापुर, राज्य - महाराष्ट्र - 413209, वर्तमान में निवास स्थान - संत श्री आशारामजी आश्रम, मोटेरा, साबरमती, अहमदाबाद - 380005.
मैं, वसीयतकर्ता, पिछले ढाई वर्षों से उपरोक्त पते पर निवास कर रहा हूँ। इस अंतिम वसीयत के द्वारा मैं अपने विश्वासपात्र, हितैषी और प्रिय पुत्र श्रीनिवास रमेश कुलकर्णी, उम्र-44 वर्ष, धर्म - हिन्दू, जो संत श्री आशारामजी आश्रम, मोटेरा, अहमदाबाद - 380005 में निवास करता है, को मेरी मृत्यु के बाद मेरी निम्नलिखित एवं समस्त संपत्ति का एकमात्र और पूर्ण स्वामी विधिवत् नियुक्त कर रहा हूँ।
मैं, वसीयतकर्ता, उपरोक्त पते पर निवास करता हूँ। मेरी पत्नी श्रीमती वासंती रमेश कुलकर्णी का देहांत 18/04/2021 को हो गया था। मेरे विवाहित जीवन में मेरी दो पुत्रियाँ और एक पुत्र हैं। उनका विवरण इस प्रकार है:
राजश्री, सुपुत्री - श्री रमेश कुलकर्णी, धर्मपत्नी श्री बालासाहेब वठारकर, उम्र 62, निवासी - बिबिदारफल, जिला - सोलापुर, महाराष्ट्र ।
जयश्री, सुपुत्री श्री रमेश कुलकर्णी, धर्मपत्नी श्री जयंत देशमुख, उम्र 49, निवासी -निकट रणदिवे स्किन केयर हॉस्पिटल, समता नगर, उस्मानाबाद - 413501
श्रीनिवास, सुपुत्र श्री रमेश कुलकर्णी, उम्र 44, निवासी संत श्री आशारामजी आश्रम, मोटेरा, अहमदाबाद, गुजरात - 380005
इनमें से मेरी दो पुत्रियाँ विवाहित हैं और मेरा पुत्र संत श्री आशारामजी आश्रम में ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए आध्यात्मिक जीवन जी रहा है। मैं, वसीयतकर्ता, अपने पुत्र के साथ उपरोक्त पते पर निवास करता हूँ।
मैंने पहले ही अपनी पुत्रियों को उनके विवाह के समय और उसके बाद पर्याप्त राशि दे
दी थी।
मेरी स्वर्गीय पत्नी श्रीमती वासंती रमेश कुलकर्णी की इच्छा थी कि मेरी और मेरी पत्नी की संपत्ति मेरे पुत्र श्रीनिवास कुलकर्णी को दी जाये। हम उसके विवाह हेतु कोई राशि खर्च नहीं कर पाये थे क्योंकि वह अविवाहित है। वह संत श्री आशारामजी आश्रम, मोटेरा, अहमदाबाद- 380005 में निवास कर रहा है और समाज के आध्यात्मिक और सर्वांगीण उत्थान के लिए निःस्वार्थ सेवा कर रहा है। मैं और मेरी पत्नी वासंती ने पहले ही संत श्री आशारामजी बापू से मंत्रदीक्षा ली थी। मैंने भी वर्षों तक आश्रम में निःस्वार्थ सेवा की है।
मैं और मेरी पत्नी ने मंत्रदीक्षा लेने और संत श्री आशारामजी बापू के आध्यात्मिक प्रवचनों को सुनने के बाद अत्यधिक दैवीय शांति और आनंद महसूस किया। इसलिए हम दोनों ही अपनी संपत्ति मेरे पुत्र श्रीनिवास कुलकर्णी को देने के इच्छुक थे ताकि यह संपत्ति व्यापक समाज के लाभ के लिए किसी अच्छे काम में उपयोग की जा सके।
इसके अलावा मैं अपने आखिरी जीवनकाल को संत श्री आशारामजी आश्रम, मोटेरा, अहमदाबाद में अपने पुत्र श्रीनिवास कुलकर्णी के साथ बिता रहा हूँ। वह मेरे भोजन, चिकित्सा, उपचार, दवाइयाँ और अन्य सभी आवश्यकताओं का मेरे बुढ़ापे में ध्यान रख रहा है । मैं अपने पुत्र श्रीनिवास की सेवा से बहुत खुश हूँ। इसलिए मैं भी एक पिता होने के नाते उसे कुछ उपहार के रूप में देना चाहता हूँ। इसके अलावा मेरी पत्नी भी अपने पुत्र श्रीनिवास कुलकर्णी के प्रति प्यार और स्नेह के कारण उसे कुछ देने की इच्छुक थी।
मैं शारीरिक रूप से स्वस्थ हूँ लेकिन इस नश्वर शरीर का कोई भरोसा नहीं है, यह नहीं कहा जा सकता कि ईश्वर का बुलावा कब आयेगा और यह क्षणभंगुर शरीर पंचमहाभूत में विलीन हो जायेगा। इसीलिए मैं चाहता हूँ कि मेरी पैतृक और स्वयं अर्जित संपत्तियाँ धार्मिक एवं सामाजिक उत्थान की दिशा में सही ढंग से उपयोग की जायें। इसलिए मैं निम्नलिखित गवाहों की उपस्थिति में अपनी पहली और अंतिम वसीयत बना रहा हूँ। यह मेरी मृत्यु के तुरंत बाद क्रियान्वित करनी है। संपत्तियों का वर्णन निम्नलिखित परिशिष्ट में दिखाया गया हैः
अ.क्र.१) गाव – उपळाई (बुद्रुक) ता.माढा जि.सोलापूर जमीन गट नं.१२४/२/अ क्षेत्र १.६३ (हे.आर)
अ.क्र.२) गाव – उपळाई (बुद्रुक) ता.माढा जि.सोलापूर जमीन गट नं.१२४/३/क क्षेत्र १.२० (हे.आर)
उपरोक्त मेरी पैतृक/स्व उपार्जित - स्वतंत्र रूप से स्वामित्व वाली अचल संपत्तियाँ हैं। इनमें किसी और का कोई हिस्सा, अधिकार नहीं है और मैं इन संपत्तियों का जैसा चाहूँ उपयोग कर सकता हूँ। मैंने उपरोक्त संपत्ति को किसी बैंक, संस्थान, मंडल, सरकारी, अर्ध-सरकारी विभागों या किसी अन्य के साथ गिरवी रखकर कोई ऋण नहीं लिया है। मेरा उपरोक्त संपत्तियों पर पूर्णतः कानूनी स्वामित्व है। यह मेरी अंतिम वसीयत है। इसके अलावा मैंने कभी किसीको कोई वसीयत या ऐसा कोई लेखन नहीं दिया है। हालाँकि, यदि कोई ऐसा लेखन या वसीयत प्रस्तुत करता है, तो इस अंतिम वसीयत के कारण उसे रद्द माना जायेगा। इस वसीयत के आधार पर मेरे पुत्र श्रीनिवास रमेश कुलकर्णी को आवश्यकतानुसार प्रशासनिक पत्र और प्रोबेट प्राप्त करने का अधिकार होगा। यह वसीयत (इच्छापत्र) मुझे पढ़ के सुनायी गयी है एवं हिन्दी व मराठी भाषा में समझायी भी गयी है।
नाव - रमेश मार्तंड कुलकर्णी हे दिनांक :- ०७/०२/२०२६ रोजी मयत असून वसीयत (विल) अन्वये श्रीनिवास रमेश कुलकर्णी यांचे नाव ७/१२ सदरी दाखल केले.
(वसीयत (विल) The Seal Of Sub-Registar Naroda, SRO Ahmedabad-6, Naroda दस्त क्रमांक 2285/2024 दिनांक – 29/01/2024 या वरून नोंद)